Saturday, 23 August 2014

हर बैनर कुछ कहता है,
कभी छोटा तो कभी बड़ा होता है.

कभी मेंन रोड पर खड़ा मुस्कुराते हुए,
तो कभी रोड के किनारे धूल खाते हुए.

कभी सीधे साफ़ शब्दों में''दो बून्द ज़िन्दगी की'' कहता,
तो कभी एंटरटेनमेंट के लिए कुछ भी करेगा' की क्रिएटिविटी सिखाता.

कभी 1090 से सुरक्षित होने का एहसास कराता,
तो कभी''इनक्रेडिबल इंडिया''का खिताब दे जाता.

कभी ''दबंग से किक बनकर माउथ फ्रेश्नर'' बन जाता,
तो कभी''मोर देन टेबलेट एंड स्मार्टर देन फ़ोन एचपी'',स्मार्ट होने का एक और नया बहाना बन जाता.

कभी कॉलेज और यूनिवर्सिटीज का रास्ता सामने से दिखाता,
तो कभी ''व्हाई शुड बॉयज हैव ऑल द फन'' का मंत्र सिखाता.

नया बैनर आता है, तो पुराना चला जाता है,
पर अपने होने का मैसेज सबको दिखा जाता है.

तभी तो ''हर बैनर कुछ न कुछ कह'' जाता है.

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