एकाउंटिंग एक्वेशंस या वैलेंटाइन वीक सिचुएशंस
प्यार का टेस्ट सबको अच्छा लगता है,हर कोई इसे एक बार ज़रूर चखता है.फरवरी का महीना है ,प्यार की सर्द हवाएँ हर शाम को प्यार की शॉल ओढ़ कर आती है.बड़ी प्यार भरी होती है ये हवाएँ,जहाँ एक ओर प्यार की शॉल ओढ़े सर्दी से बचाती है तो वही मिटटी के गिलास में चाय की चुस्कियां प्यार में चीनी का काम करती है.प्यार का बुखार सबको होता है,पर फरवरी के मौसम में पता चलता है की थर्मामीटर में किसका प्यार का बुखार 102 डिग्री पर रहा ओर किस का 50 डिग्री पर ही सिमट कर रह गया.फरवरी में जहाँ वैलेंटाइन का मौसम चलता है तो वही बोर्ड एग्जाम का दर सर पर तांडव कर रहा होता है.ऐसे में एकाउंट्स के स्टूडेंट को समझ में नहीं आता की एकाउंटिंग इक्वेशन सॉल्व करूँ या फिर वैलेंटाइन की सिचुएशंस हैंडल करूँ.क्यूंकि एकाउंट्स में बैलेंस शीट बैलेंस करना ज़्यादा आसान है वैलेंटाइन वीक में अपने पार्टनर को बैलेंस करने से.7 फरवरी से वैलेंटाइन वीक शुरू हो जाता है वैसे तो प्यार करने वालों के लिए हर दिन वैलेंटाइन होता है पर इस वीक का मज़ा ही कुछ ओर है क्यूंकि इस वीक में लोग एकाउंट्स के लेगड़ेर अकाउंट में डेबिट कम्स इन और क्रेडिट गोज़ आउट की तरह खुशियाँ इन कर लेते है और फ्रस्टेशन आउट कर देते है.वैलेंटाइन
वीक का पहला दिन होता है ''रोज डे'' होता है इस दिन हर कोई अपने वैलेंटाइन को रोज देता है.वैसे आज हम ''रोज डे''रोज देकर बनाते है ,अगर हम दिमाग की सुई रिवाइंड कर पुराने समय में जाए तो लोग इस ''रोज डे '' को कुछ इस अंदाज़ में पेश करते''फूल तुम्हे भेजा है खत में''.दूसरा दिन प्रोपोज़ डे होता है जिनकी प्यार की ट्रैन अभी तक नहीं चली होती है वो इस दिन अपने प्यार की टिकट कटवा कर ट्रैन के चलने का इंतज़ार करने लगता है और इस सिचुएशन उन्हें यही याद आता है ''दिल कहे क्या राज़ है जाने क्या कर गए आई लव यू''.तीसरा दिन ''चॉकलेट डे''का होता है,कोई चॉकलेट का पूरा पिटारा देता तो कोई फाइव स्टार से ही काम चला लेता.चौथा दिन होता है टेडी डे ज्यादा तर सबका फेवरेट होता कुछ होते है ,जो खुद को टेडी के रूप में गिफ्ट कर देते है तो कुछ होते है जो अपनी लाइफ की इक्वेशन सॉल्व करने बिजी होते है और टेडी थोड़ा से देर विश करते ,इस पर उनकी पार्टनर कहती है ''तू मेरा दिल तू मेरी जान ओ आई लव माय टेडी नोट यू'' समझे भुद्धू.वही पांचवां दिन प्रॉमिस डे का होता है और सब जानते है की प्रॉमिसेस तोड़ने के लिए ही बने होते है लेकिन इस दिन हर कोई दिल खोल कर प्रॉमिसेस करते है तो वही कुछ लोग अपनी 4 जीबी
मेमोरी को पुराने प्रॉमिसेस से फुल होती है,तो उसे फॉर्मेट मार के नए प्रॉमिसेस फिल करते है.फाइनली दो दिन बाद वैलेंटाइन डे आता है जिसका हर किसी को बेसब्री से इंतज़ार रहता है.जहाँ स्वीट 16 वाला इश्क़ टीनएजर का 'पहला नशा पहला खुमार ले कर आता है'' तो वही हॉट 60s के कपल्स के लिए तो आज भी उनका ''दिल बचा है जी तो''तभी तो हॉट 60s के मेल अपनी वैलेंटाइन से कहते है की''ऐ मेरी जौहर ज़बी तुझे मालूम नहीं तू अभी तक है हसीं और मैं जवान ''तो वही उनकी हॉट 60s की वैलेंटाइन उन्हें रिप्लाई में कहती है मैं क्या करूँ राम मुझे बुड्ढा मिल गया.ये सब देखर लगता है की कुछ की लवशीट इज़ली बैलेंस हो जाती है तो कुछ को अभी भी अपने रिश्ते को बैलेंस करने के लिए अपने लव की इक्वेशन को ब्लंके करना पड़ता है..
प्यार का टेस्ट सबको अच्छा लगता है,हर कोई इसे एक बार ज़रूर चखता है.फरवरी का महीना है ,प्यार की सर्द हवाएँ हर शाम को प्यार की शॉल ओढ़ कर आती है.बड़ी प्यार भरी होती है ये हवाएँ,जहाँ एक ओर प्यार की शॉल ओढ़े सर्दी से बचाती है तो वही मिटटी के गिलास में चाय की चुस्कियां प्यार में चीनी का काम करती है.प्यार का बुखार सबको होता है,पर फरवरी के मौसम में पता चलता है की थर्मामीटर में किसका प्यार का बुखार 102 डिग्री पर रहा ओर किस का 50 डिग्री पर ही सिमट कर रह गया.फरवरी में जहाँ वैलेंटाइन का मौसम चलता है तो वही बोर्ड एग्जाम का दर सर पर तांडव कर रहा होता है.ऐसे में एकाउंट्स के स्टूडेंट को समझ में नहीं आता की एकाउंटिंग इक्वेशन सॉल्व करूँ या फिर वैलेंटाइन की सिचुएशंस हैंडल करूँ.क्यूंकि एकाउंट्स में बैलेंस शीट बैलेंस करना ज़्यादा आसान है वैलेंटाइन वीक में अपने पार्टनर को बैलेंस करने से.7 फरवरी से वैलेंटाइन वीक शुरू हो जाता है वैसे तो प्यार करने वालों के लिए हर दिन वैलेंटाइन होता है पर इस वीक का मज़ा ही कुछ ओर है क्यूंकि इस वीक में लोग एकाउंट्स के लेगड़ेर अकाउंट में डेबिट कम्स इन और क्रेडिट गोज़ आउट की तरह खुशियाँ इन कर लेते है और फ्रस्टेशन आउट कर देते है.वैलेंटाइन
वीक का पहला दिन होता है ''रोज डे'' होता है इस दिन हर कोई अपने वैलेंटाइन को रोज देता है.वैसे आज हम ''रोज डे''रोज देकर बनाते है ,अगर हम दिमाग की सुई रिवाइंड कर पुराने समय में जाए तो लोग इस ''रोज डे '' को कुछ इस अंदाज़ में पेश करते''फूल तुम्हे भेजा है खत में''.दूसरा दिन प्रोपोज़ डे होता है जिनकी प्यार की ट्रैन अभी तक नहीं चली होती है वो इस दिन अपने प्यार की टिकट कटवा कर ट्रैन के चलने का इंतज़ार करने लगता है और इस सिचुएशन उन्हें यही याद आता है ''दिल कहे क्या राज़ है जाने क्या कर गए आई लव यू''.तीसरा दिन ''चॉकलेट डे''का होता है,कोई चॉकलेट का पूरा पिटारा देता तो कोई फाइव स्टार से ही काम चला लेता.चौथा दिन होता है टेडी डे ज्यादा तर सबका फेवरेट होता कुछ होते है ,जो खुद को टेडी के रूप में गिफ्ट कर देते है तो कुछ होते है जो अपनी लाइफ की इक्वेशन सॉल्व करने बिजी होते है और टेडी थोड़ा से देर विश करते ,इस पर उनकी पार्टनर कहती है ''तू मेरा दिल तू मेरी जान ओ आई लव माय टेडी नोट यू'' समझे भुद्धू.वही पांचवां दिन प्रॉमिस डे का होता है और सब जानते है की प्रॉमिसेस तोड़ने के लिए ही बने होते है लेकिन इस दिन हर कोई दिल खोल कर प्रॉमिसेस करते है तो वही कुछ लोग अपनी 4 जीबी
मेमोरी को पुराने प्रॉमिसेस से फुल होती है,तो उसे फॉर्मेट मार के नए प्रॉमिसेस फिल करते है.फाइनली दो दिन बाद वैलेंटाइन डे आता है जिसका हर किसी को बेसब्री से इंतज़ार रहता है.जहाँ स्वीट 16 वाला इश्क़ टीनएजर का 'पहला नशा पहला खुमार ले कर आता है'' तो वही हॉट 60s के कपल्स के लिए तो आज भी उनका ''दिल बचा है जी तो''तभी तो हॉट 60s के मेल अपनी वैलेंटाइन से कहते है की''ऐ मेरी जौहर ज़बी तुझे मालूम नहीं तू अभी तक है हसीं और मैं जवान ''तो वही उनकी हॉट 60s की वैलेंटाइन उन्हें रिप्लाई में कहती है मैं क्या करूँ राम मुझे बुड्ढा मिल गया.ये सब देखर लगता है की कुछ की लवशीट इज़ली बैलेंस हो जाती है तो कुछ को अभी भी अपने रिश्ते को बैलेंस करने के लिए अपने लव की इक्वेशन को ब्लंके करना पड़ता है..
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